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HSBC में खाते के विवाद में इंडियन एक्सप्रेस अखबार में बड़ा खुलासा किया है. इंडियन एक्सप्रेस ने 1195 उन भारतीयों के नाम का खुलासा किया है जिनका HSBC बैंक में खाता है.
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लिस्ट में वो 628 नाम भी शामिल हैं जो फ्रांस की सरकार से भारत सरकार को 2011 में मिले थे. इन सबके खाते में कुल 25 हजार 420 करोड रुपये जमा हैं लेकिन ये रकम 2006 -2007 तक की जानकारी के आधार पर हैं.

एक्सप्रेस के खुलासे में जिन नामों का खुलासा हुआ है उसमें मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, कांग्रेस की पूर्व सांसद अनु टंडन, पूर्व विदेश राज्य मंत्री परणीत कौर, स्मिता ठाकरे, अभिनेत्री ऋतु महिमा चौधरी, नारायण राणे, नीलम राणे और नीलेश राणे के नाम शामिल हैं.

बड़े कारोबारियों में जेट के नरेश गोयल, डाबर का बर्मन परिवार, डालमिया ग्रुप के अनुराग डालमिया, मनु छाबड़िया, एम्मार एमडीएफ के श्रवण और शिल्पी गुप्ता, सोना कोयो के सुरिंदर कपूर, खेतान के प्रदीप और हैग्रीव खेतान, यशोवर्धन बिड़ला के नाम शामिल हैं. ज्यादातर नाम ऐसे हैं जिनके बारे में चर्चा होती रही है.

आपको बताते हैं कि इंड़ियन एक्सप्रेस ने जिन नामों का खुलासा किया है उनके खाते में कितनी रकम है.

1. मुकेश अंबानी, RIL- 164.92 करोड़ रूपये

2. अनिल अंबानी, ADAG- 164.92 करोड़ रूपये

3. नरेश गोयल, JET AIRWAYS- 116 करोड़ रूपये

4. वर्मन परिवार, DABUR- 77.5 करोड़ रूपये

5. अनुराग डालमिया, DALMIA- 59.5 करोड़ रूपये

6. मनु छाबरिया परिवार– 874 करोड़ रूपये

7. महेश टीकमदास थरानी– 251.7 करोड़ रूपये

8. अनु टंडन, पूर्व कांग्रेस सांसद

9. संदीप टंडन, पूर्व आईआरएस- 166.1 करोड़ रूपये

10. श्रवण-शिल्पी गुप्ता– 209.56 करोड़ रूपये

11. एडमि. एस एम नंदा, सुरेश नंदा-14.2 करोड़ रूपये

12. भद्र श्याम कोठारी परिवार– 195.6 करोड़ रूपये

13. सुभाष वसंत साठे, इंद्राणी साठे– 4.64 करोड़ रूपये

14. स्मिता ठाकरे, बाल ठाकरे की बहू- 64 लाख रूपये

15. परनीत कौर, पूर्व केंद्रीय मंत्री- रकम का खुलासा नहीं

16. नीलम नारायण राणे, नीलेश राणे

17. सुरिंदर कपूर, SONA KOYO- 2.51 करोड़ रूपये

18. यशोवर्धन बिड़ला, चेयरमैन, यश बिड़ला ग्रुप

19. प्रदीप खेतान, हैग्रीव खेतान, (खेतान कंपनी के मालिक)

20. ऋतु (महिमा) चौधरी, बॉलीवुड अभिनेत्री

कैसे सामने आए ये नाम

फ्रेंच अखबार Le Monde को फ्रांस सरकार से सूची मिली. ये खुफिया सूत्रों से सूची वहां तक पहुंची. एचएफबीसी बैंक के एक लाख से ज्यादा खातादारों की सूची मिली. Le Monde ने 45 देशों के पत्रकारों की सहायता से इस सूची की जांच को आगे बढ़ाया.

भारत में इंडियन एक्सप्रेस ने इसकी तहकीकत की. इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ने इन नामों का खुलासा किया. इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि इस सूची में 1195 भारतीयों के नाम है जिनके खातों में 25 हजार 400 करोड़ रूपये जमा हैं. इंडिनय एक्सप्रेस द्वारा प्रकाशित किए गए नामों में वे 628 नाम भी हैं जिन्हें सरकार पहले ही उजागर कर चुकी है.

जिन लोगों के नाम इंडियन एक्सप्रेस ने दिए हैं उनका पक्ष भी दिया है. कुछ लोगों से एबीपी न्यूज ने भी बात की और उनका पक्ष लिया.

रिलायंस- दुनिया में कही भी RIL या मुकेश अंबानी का गैरकानूनी बैंक अकाउंट नहीं है. वहीं अनिल अंबनी की तरफ से कहा गया है कि उनका कोई ओवरसीज अकाउंट है ही नहीं.

नरेश गोयल- नरेश गोयल एनआरआई है. दुनिया में कहीं भी वैध अकाउंट रख सकते हैं. वो टैक्स नियमों का भारत और विदेश में पालन करते हैं.

आनंद बर्मन- 1999 में एऩआरआई हूं और यूके में टैक्स भरता हूं. रीमिटंस स्कीम के तहत पैसे जमा किए गए और जानकारी दी गई.

अनु टंडन- भारत के अलावा कहीं अकाउंट नहीं है. मेरे पति अब जीवित नहीं हैं. अगर उन्होंने अकाउंट खोला होगा तो मुझे कैसे पता होगा?

परनीत कौर- मेरा विदेश में कोई अकाउंट नहीं है. अगर मेरी जन्मतिथि और नाम मैच करता हैं तो मैं नहीं जानती कैसे.

केजरीवाल की प्रतिक्रिया

इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वही नाम सामने आए हैं जिनका खुलासा उन्होंने 2012 में किया था. केजरीवाल ने सवाल उठाया है कि पहले कांग्रेस ने कुछ नहीं किया. अब बीजेपी सरकार भी कुछ नहीं कर रही है

काला धन मामले में सरकार बता सकती है 60 नाम

सरकार 60 ऐसे लोगों के नाम सार्वजनिक कर सकती है जिनका काला धन विदेशी बैंकों में जमा है. 60 लोगों के अकाउंट HSBC के जेनेवा ब्रांच में हैं. सरकार उन 60 लोगों के नाम सार्वजनिक करेगी जिन पर टैक्स की जानकारी छुपाने या टैक्स चुराने का आरोप है.

काले धन की जांच के लिए बनी एसआईटी के निर्देश पर सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर चुकी है. 60 व्यक्ति या संस्थाओं के अकाउंट में 1500 से 1600 करोड़ की रकम जमा होने का अनुमान है.

सूत्रों के मुताबिक आयकर कानूनों के तहत देश की अनेक अदालतों में शिकायतें दाखिल की गयी हैं और इन मामलों में आयकर अधिकारियों ने जांच पूरी कर ली है. इन मामलों में 31 मार्च तक की सीमा है जिसके बाद इनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती क्योंकि मामले 2008-09 की अवधि से संबंधित हैं.

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