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Archive for February, 2016

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आप राष्ट्रवादी हैं या देशप्रेमी? अंतर समझने की करें कोशिश

जेएनयू में जो भी घटनाक्रम चल रहा है, धीरे- धीरे उसकी असलियत सामने आ जाएगी, अखलाक के बारे में क्या अफवाह फैलाई गई लेकिन रिपोर्ट में सब कुछ अलग ही निकला । लेकिन जेएनयू की घटना के बाद आम लोग इस तरह भड़के हुए हैं कि खुले आम गोली मार देने की बात करने लगे हैं। राष्ट्रवाद और देशप्रेम के अंतर को समझने की कोशिश कीजियेगा।

कुछ साल पहले एक फिल्म देखने के दौरान राष्ट्रगान बजा तो रोहतक के थिएटर हॉल में सिर्फ तीन लड़कियां खड़ी हुईं । सभी को ये बात इतनी छू गयी कि उसके बाद से गणतंत्र दिवस की परेड के बाद बजने वाले राष्ट्रगान पर घर में भी खड़े हो जाते थे। 3 लड़कियों ने सिर्फ अपना फ़र्ज़ निभाकर दूसरों को फर्ज़ निभाने के लिए प्रेरित कर दिया। प्रेम कोई भी हो, महसूस होने की चीज़ है। मार-पीट कर महसूस नहीं करवाया जा सकता, आप ऐसा करते हैं तो आप किसी कुंठा के शिकार हैं जिसके बारे में शायद आप ही पता लगा पाएं।
भारत के संविधान की प्रस्तावना में साफ़-साफ़ कुछ शब्द लिखे हैं। जिस किसी ने दसवीं तक भी पढ़ाई की है, वो इससे वाकिफ़ होगा। प्रस्तावना में लिखा है कि हम समाजवादी हैं, हम धर्मनिरपेक्ष हैं, हम लोकतांत्रिक हैं। तो समझिए कि इनमें से किसी भी बात को गाली देने वाला राष्ट्र का अपमान कर रहा है ।
(more…)

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Who is Real Patriotic? by Rajkumar Meena

Rajkumar Meena

ये असली देशभक्त कौन लोग हैं ?

1. अंग्रेजों से लिखित में माफी मांगने वाले कौन लोग थे?

2. आजादी आंदोलन में भाग लेने को ऐच्छिक घोषित करने वाले कौन लोग थे?

3. क्रांतिकारी साथियों का नाम बताकर अंगरेज पुलिस के हाथ से छूटने वाले देशभक्त कौन लोग थे?

4. ‘हिंदू मुसलिम साथ नहीं रह सकते’ जैसा नफरत भरा सिद्धांतफैलाने वाले मुसलिम लीग के दोस्त कौन लोग थे?

5. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में मुसलिम लीग की ही तरह अंग्रेजों का साथ देने वाले कौन लोग थे?

6. राष्ट्रभक्ति का चोला ओढ़ महात्मा गांधी की हत्या कर देश भर में मिठाइयां बांटने वाले कौन लोग थे?

7. आजादी के बाद 1947 में तिरंगे झंडे को नकारने वाले कौन लोग हैं?

8. भारतीय गणतंत्र के संविधान को नकार कर मनुस्मृति की मांग करने वाले कौन लोग हैं?

9. दशकों तक हिटलर की खुली प्रशंसा करने वाले कौन लोग हैं?

10. 1951 में डॉ. आम्बेडकर के हिन्दू कोड बिल का विरोध करने वाले कौन लोग थे?

11. आंबेडकर के समानता लाने के हर प्रयास का विरोध करते हुए ब्राह्मणवादी व्यवस्था को बचाने के हिमायती कौन लोग थे?

12. दलितों और पिछड़ों के लिये आरक्षण का जोरदार विरोध करने वाले कौन लोग हैं?

13. बाबरी मसजिद को ढहाकर देश भर में दंगे कराने वाले कौन लोग हैं?

14. गुजरात और मुजफ्फरनगर में सामूहिक नरसंहार किसने आयोजित किया?

15. गोवा, ठाणे, मालेगांव, समझौता एक्सप्रेस, मक्का मसजिद के बम धमाकों में कौन शामिल रहा?   समझोता एक्सप्रेस कांड

16. मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले में पचास से अधिक हत्या कराने वाले और उसका बचाव करने वाले कौन लोग हैं?

17. बलात्कार शिरोमणि आसाराम बापू के समर्थन में अभियान चलाने वाले और कानूनी मदद देने वाले कौन लोग हैं?

18. तीन प्रसिद्ध बुद्धिजीवियों की हत्या का बचाव करने औरपूरे देश के बुद्धिजीवियों को देशद्रोही बताने वाले कौन लोग हैं?

19. मुसलमान, ईसाई, दलितवादी, स्त्रीवादी, कम्युनिस्ट और अब सरकार के सभी आलोचकों को अपना शत्रु मानने वाले कौन लोग हैं?

20. कश्मीर में अलगाववादियों PDP के साथ गठबंधन करने वाले कौन लोग हैं?

21. देश भर में सेक्युलर, समाजवादी, वामपंथी, कांग्रेसी, गांधीवादी हर किसी को देशद्रोही बताने वाले कौन हैं?

22. गौमांस और लव जिहाद जैसे फरजी मुद्दों पर देश भर में माहौल खराब करने वाले कौन लोग हैं?

23. 2003 तक अपने मुख्यालय पर और दफ्तरों में तिरंगा न फहराकर भगवा फहराने वाले कौन लोग हैं?

24. गणतंत्र दिवस को काला दिवस घोषित करने वाले कौन लोग हैं?

25. गोडसे की पिस्तौल की पूजा करने और गोडसे का मंदिर बनवाने की घोषणा करने वाले कौन लोग हैं?

26. अपने कुकर्म छुपाने के लिए हर पराये को देशद्रोही बताने वाले कौन लोग हैं?

27. अपने कुकर्म बढ़ाने के लिए हर अपने को देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने वाले कौन लोग हैं?

28. पठानकोट हमले की जांच पाकिस्तानी सेना, और आईएसआई ISI से करवाने वाले कौन लोग हैं?

After Arvind Kejriwal lead Delhi Govt The latest global metropolis to introduce car rationing

DELHI-
India’s Capital Delhi launch #OddEvenPlan sucessful. odd days odd number vehicle’s,  Even day Even number vehicles are allowed. In first time so large scale Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal launch OddEven formula for reduced the Pollution in capital.  see the air pollution reduce in Delhi by OddEven plan https://rajkumarmeena.wordpress.com/2016/01/

TOKYO – A number of global capitals have tried a car rationing system over the years to try to reduce congestion . Beijing , Paris, New Delhi, Mexico City: All have at some stage introduced rules to keep cars with odd – or even – numbered license plates off the road on set days.

Now another city can be added to that list:

Pyongyang.
The North Korean capital is hardly known for its gridlock. After all, it’s only in the past couple of

years that the city has gotten its first traffic light – its famous female traffic police are still the norm – and there are still no privately owned cars in

North Korea .
But the number of cars on the roads has increased markedly in recent years, the result of a sharp increase in the number of taxis and government vehicles , as well as a steady uptick in tourist numbers.

Just take a look at this video of a North Korean- style traffic jam from Jaka Parker , who lives in Pyongyang (and runs an excellent Instragram account here ): https://www.instagram.com/jakaparker/?hl=en
https://www.instagram.com/p/8DnDpBACdJ/

A video posted by jakaparker.blogspot.com watch the traffic video in Pyongyang

Kim Jong Un ’s regime has instituted a system this year to keep cars off the road. From Jan . 1 , cars with even- or odd – numbered license plates have been allowed on the roads only on alternate days , according to people who either live in Pyongyang or have visited this year. There are exceptions to the rule : government and other “high- ranking ” cars , military vehicles , foreigners’ cars and minibuses with more than 24 seats .

Locals report being told that the system is modeled on the restrictions in various Chinese cities and , like those , is intended to reduce congestion and emissions.

But many speculate that the real reason is linked to a shortage of gasoline for vehicles .

Although residents and visitors alike say they ’ve seen no signs yet of gas shortages – unlike electricity , which is clearly in short supply, with frequent and lengthy power cuts – they wonder if it is looming. (All the people contacted for this post spoke on the condition of anonymity , concerned about jeopardizing their relations with North
Korea. )

Some say the government appears to anticipating a shortage and want to ration gasoline as their foreign exchange reserves are depleted – in no small part because of the economic slowdown in China.

Others suggest that move may be preparation for China, angry about the recent nuclear and missile tests, turning off the oil tap to North Korea .

As the international community considers how to punish Kim ’s regime for its recent provocations , and becomes increasingly frustrated with the priority that Beijing places on stability, such a
move would show that China does have an influence on North Korea and will use it – even if not to the degree that Washington wants .

Global metropolis- to-introduce-car-rationing-pyongyang

To Loves is to battle in India, our cities have no space for love, why do our lovers persist?

AN ATLAS OF IMPOSSIBLE LONGING

From Ishqe me shaher hona written by Ravish-kumar

हर कोई इश्क़ में नहीं होता है और न हर किसी में इश्क़ करनेका साहस होता है । हमारे देश में ज़्यादातर लोग कल्पनाओंमें इश्क़ करते हैं । मुझे बाकी मुल्कों का पता नहीं लेकिन
भारत में इश्क करना अनगिनत सामाजिक धार्मिकधारणाओं से जंग लड़ना होता है । मोहब्बत हमारे घरों केभीतर प्रतिबंधित विषय है । कितने माँ बाप अपने बच्चों से
पूछते होंगे कि तुम्हारे जीवन में कोई है ? तुम्हें कोई अच्छा लगता है या तुम किसी को चाहती हो ? बहुत कम । इतने कम सामाजिक सपोर्ट के बीच किसी से इश्क़ करना सिर्फ आई लव यू कहना नहीं होता है ।

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दरअसल जाति और मज़हब की दीवार तोड़ कर प्रेम करने की कल्पना हमारी राजनीति में भी नहीं है । कुछ नेता है जो मुस्लिम हैं मगर उनकी पत्नी हिन्दू हैं । कुछ हिन्दू नेता हैं
जिनकी पत्नी मुस्लिम है । बाक़ायदा प्रेम विवाह किया मगर वे भी अपने इश्क को पब्लिक में डिस्प्ले नहीं करते । बचते हैं कि कहीं मतदाता नाराज न हो जाए । लेकिन क्या समाज
भी ऐसा है ? बिल्कुल है मगर उसी के भीतर इश्क की ज्यादा क्रांतिकारी संभावनाएँ पैदा हो जाती हैं । लोग जाति और धर्म की दीवार तोड़ देते हैं । हमारे शहरों में प्रेम की कोई जगह नहीं है । पार्क का मतलब हमने इतना ही जाना कि गेंदे और बोगनविलिया के फूल
खिलेंगे । कुछ रिटायर्ड लोग दौड़ते मिलेंगे । दो चार प्रेमी होंगे जिन्हें लोग घूर रहे होंगे । कहीं बैठने की कोई मुकम्मल जगह नहीं है । इश्क़ के लिए जगह भी चाहिए । इस स्पेस के
बिना हमारे शहर के प्रेमी सुपर मॉल के खंभों के पीछे घंटों खड़े थक जाते हैं । कार की विंडो स्क्रीन पर पर्दा लगाए अपराधी की तरह दुस्साहस करते रहते हैं । सिनेमा हॉल के
डार्क सीन में हाथ पकड़ते हैं और उजाले का सीन आते ही हाथ छोड़ देते हैं । प्रेम करने वालों ने अपनी ये व्यथा किसी को सुनाई नहीं । फेसबुक पर भी नहीं लिखा ! ‘ मिलो न तुम
तो दिल घबराये मिलो तो आँख चुराये हमें क्या हो गया है। ‘ इस गाने को सुनते हुए क्या आपको लगता नहीं कि पहले ये तो बता दो कि कहाँ मिले । (more…)

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Rajkumar Meena

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Rajkumar Meena at Rock Garden

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Rajkumar Meena

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